वृश्चिक राशि के जातक का व्यक्तित्व, शौंक, कमिया, प्रेम और दांपत्य जीवन कैसा है ?
जिन जातको के जन्म के समय में चन्द्रमा वृश्चिक राशि में स्थिर हो उनकी राशि का नाम वृश्चिक राशि होता है। वह मंगल स्वामी के जातक है। मंगल को नवग्रहो में सेनापति की उपाधि प्राप्त है। इस राशि के जातक बहुत ही निडर , साहसी और समय पर जिद्दी होने वाले व्यक्ति है। यह हमेशा अपने जीवन को अपनी शर्तो पर जीना पसंद करते है। इनका भाग्य एक तरह से बिलकुल इनके वश में ही होता है। यह बहुत ही साहसी होते है और अपने ऊपर आने वाले मुसीबतो को आसानी से हल कर भी लेते है। किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहते है और इनका दांपत्य जीवन भी सफलता से चलने वाला होता है। यह अपनी जिंदगी में कल्पना के प्रति अपने जीवनयापन के लिए भी जाने जाते है।
वृश्चिक जातको का व्यक्तित्व, शौंक और कमिया
वृश्चिक राशि के जातको का चिन्ह बिछु होता है और यह स्वभाव में बहुत ही शांत होते है। यह बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होते है। यह अपने जीवन में कुछ बड़ा जरूर हासिल करते है और यह परंपराओ से ज्यादा प्रेम नहीं करते है। यह चुनौतीपूर्ण और बेहद महत्वकांशी होते है। इस राशि के झटको को महंगी करो में घूमना और गहने आभूषणो को पहनने का बहुत ही अधिक शौंक होता है। यह स्वभाव के बहुत ही रोमांटिक होते है और क्राइम नॉवल पढ़ने के शौकीन भी होते है।
इनके अंदर एक कमी पाई जाती है, यह अपने अंदर के सहस का इस्तेमाल करके सीधा वार करने से डरते है। इस राशि के लोग शांत स्वभाव के होते है। लेकिन इनके अंदर बदले की भावना हमेशा उत्पन होती है। यह अंदर से कुछ और और बाहर से कुछ और होते है। यह कभी भी अपने शत्रुओ पर वार कर सकते है।
वृश्चिक राशि का प्रेम और दांपत्य जीवन
वृश्चिक राशि के लोग बहुत ही प्रेम अपना उमड़वाते है। यह प्रेम के बदले में प्रेम पाना चाहते है और है अगर यह किसी से प्रेम के चक्र में पड़ जाए तो बदले में सामने वाले से भी उतना ही प्रेम यह अपने साथी से पाने की छाह रखते है। अपने दांपत्य जीवन में भी यह कुछ ऐसे ही होते है। अपने साथी से पूरी तृप्ति पाने की कौशिश करते है। अगर इनको विवाहिक जीवन में इनके मुताबिक सब कुछ नहीं मिलता है तो अपने विवाहिक रिश्ते को समाप्त तक करने के लिए उतारू हो जाते है। इस राशि का शुभ अंक 9 है , शुभ रंग लाल, मटमैला , दिन मगलवार और शुभ रत्न मूंगा है।
Comments
Post a Comment